मनीष कश्यप की ‘Rise & Fall’ में एंट्री, जानिए यूट्यूब से जेल और सियासत तक का पूरा सफर
Manish Kashyap Rise & Fall Season 2: बिहार की राजनीति और सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मनीष कश्यप अब रियलिटी शो की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। Rise & Fall Season 2 में उनकी एंट्री की पुष्टि हो चुकी है। शो के सामने आए प्रोमो में मनीष कश्यप अपने परिचित बेबाक अंदाज में नजर आ रहे हैं। शो में उनके साथ तेज प्रताप यादव, काजल राघवानी, स्वरा भास्कर, करण पटेल, शहजाद पूनावाला समेत कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। सीजन 2 का प्रसारण 26 सितंबर 2026 से होने की जानकारी सामने आई है।
मनीष कश्यप की कहानी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उनका सफर किसी पारंपरिक फिल्मी या राजनीतिक पृष्ठभूमि से शुरू नहीं हुआ। एक सिविल इंजीनियर के तौर पर पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया का रुख किया, स्थानीय मुद्दों पर वीडियो बनाए, फिर चुनावी राजनीति में उतरे। इस दौरान कई विवाद और कानूनी मामले भी उनके सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बने। अब वही मनीष कश्यप रियलिटी शो के मंच पर दिखाई देने वाले हैं।
कौन हैं मनीष कश्यप?
मनीष कश्यप का वास्तविक नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है। वह पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 2016 में अपनी डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा।
2018 में उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। शुरुआत में उनका फोकस स्थानीय समस्याओं और जमीनी मुद्दों पर रहा। सड़क, पुल, सरकारी योजनाओं और प्रशासन से जुड़ी समस्याओं को कैमरे के सामने लाकर अधिकारियों से सीधे सवाल करना उनकी वीडियो शैली का हिस्सा रहा।
धीरे-धीरे उनकी पहचान एक ऐसे सोशल मीडिया चेहरे के रूप में बनने लगी, जो स्थानीय मुद्दों को आक्रामक अंदाज में उठाता था। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता बढ़ी और उन्होंने खुद को Son of Bihar के तौर पर भी प्रस्तुत किया।
मनीष कश्यप की लोकप्रियता का बड़ा आधार उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग और सीधे सवाल पूछने वाली शैली* रही।
वह घटनास्थल पर कैमरा लेकर पहुंचते और स्थानीय लोगों की समस्याएं रिकॉर्ड करते थे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से सवाल करते हुए वीडियो बनाते थे। उनकी भाषा पारंपरिक टीवी पत्रकारिता की तुलना में ज्यादा सीधी और आक्रामक रही।
इंडियन एक्सप्रेस की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके शुरुआती वीडियो में स्थानीय समस्याओं और सरकारी अधिकारियों से जुड़े सवाल प्रमुख थे। इसी शैली ने उन्हें पश्चिम चंपारण और आसपास के इलाकों में पहचान दिलाई। यूट्यूब के जरिए बनी यह लोकप्रियता बाद में उनके राजनीतिक सफर की जमीन भी बनी।
2020 में पहली बार चुनावी मैदान में उतरे
सोशल मीडिया पर पहचान बनने के बाद मनीष कश्यप ने सीधे चुनावी राजनीति में कदम रखा. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव* में उन्होंने पश्चिम चंपारण की चनपटिया विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। उन्हें 9,200 से अधिक वोट मिले।
हालांकि वह चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन इस चुनाव ने मनीष कश्यप की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को सार्वजनिक कर दिया।
इसके बाद वह सोशल मीडिया पर पहले से ज्यादा सक्रिय नजर आए और राजनीतिक तथा सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने लगे।
2023 का तमिलनाडु मामला और गिरफ्तारी
मनीष कश्यप के सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा कानूनी विवाद 2023 में तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों से कथित मारपीट से जुड़े वीडियो को लेकर सामने आया
सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो प्रसारित हुए, जिनमें बिहार के मजदूरों पर तमिलनाडु में कथित हमले दिखाए गए थे। बिहार और तमिलनाडु पुलिस ने जांच के बाद इन वीडियो को फर्जी/भ्रामक बताया। इसी प्रकरण में मनीष कश्यप के खिलाफ मामले दर्ज हुए।
मार्च 2023 में उन्होंने पश्चिम चंपारण के जगदीशपुर थाने में सरेंडर किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया और तमिलनाडु पुलिस ने भी मामले में पूछताछ की।
यह मामला इतना बड़ा हुआ कि मनीष कश्यप को बिहार के साथ-साथ तमिलनाडु में भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
करीब नौ महीने जेल में रहे
मनीष कश्यप को इस मामले और अन्य कानूनी मामलों के सिलसिले में करीब *नौ महीने जेल में रहना पड़ा*।
तमिलनाडु में हिरासत के बाद उन्हें बिहार लाया गया और पटना की बेऊर जेल में भी रखा गया। अगस्त 2023 में उनके बेऊर जेल में रहने की जानकारी सामने आई थी
दिसंबर 2023 में वह बेऊर जेल से बाहर आए। उस समय लाइव हिंदुस्तान ने रिपोर्ट किया था कि करीब नौ महीने बाद उन्हें रिहाई मिली और उनके समर्थकों की भीड़ जेल के बाहर मौजूद थी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि *किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामला या गिरफ्तारी अपने आप में दोषसिद्धि नहीं होती।* अलग-अलग मामलों की कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
जेल से बाहर आने के बाद बदली राजनीतिक दिशा
जेल से बाहर आने के बाद मनीष कश्यप ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखीं।
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने *भारतीय जनता पार्टी (BJP)* की सदस्यता ग्रहण की। उन्हें दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में सांसद मनोज तिवारी ने पार्टी में शामिल कराया था।
उस समय मनीष कश्यप पश्चिम चंपारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने और पार्टी के लिए काम करने का फैसला किया।
यानी सोशल मीडिया की पहचान के बाद उनकी राजनीति की पहली बड़ी पार्टीगत पारी बीजेपी से शुरू हुई।
बीजेपी से अलग होकर जन सुराज का रुख
मनीष कश्यप का बीजेपी के साथ राजनीतिक सफर ज्यादा लंबा नहीं चला।
2025 में उन्होंने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया और जुलाई 2025 में *प्रशांत किशोर के जन सुराज* से जुड़ गए।
इसके बाद जन सुराज ने उन्हें 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में *चनपटिया विधानसभा सीट* से उम्मीदवार बनाया।
दिलचस्प बात यह रही कि जिस सीट से उन्होंने 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, उसी चनपटिया से उन्होंने पांच साल बाद दोबारा चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया।
18 अक्टूबर 2025 को उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया था।
2025 विधानसभा चुनाव में क्या रहा परिणाम?
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मनीष कश्यप को *37,172 वोट* मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। चनपटिया में कांग्रेस के अभिषेक रंजन विजयी रहे, जबकि बीजेपी के उमाकांत सिंह दूसरे स्थान पर रहे।
इस तरह सोशल मीडिया पर मजबूत पहचान के बावजूद मनीष कश्यप अभी तक विधानसभा चुनाव जीतकर सदन तक नहीं पहुंच सके हैं।
विवादों का सिलसिला यहीं नहीं रुका
मनीष कश्यप का नाम समय-समय पर अलग-अलग विवादों और कानूनी मामलों में भी सामने आता रहा है।
2023 में तमिलनाडु के कथित फर्जी वीडियो मामले ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया था। इससे पहले भी उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में पुलिस कार्रवाई की खबरें आती रही थीं।
2026 में *E20 पेट्रोल* को लेकर भी वह चर्चा में आए। उन्होंने अपनी Toyota Innova Hycross में समस्या के लिए E20 पेट्रोल को जिम्मेदार बताते हुए सवाल उठाए। बाद में सामने आई तकनीकी जांच से जुड़ी रिपोर्टों में वाहन की समस्या को दूषित ईंधन से जोड़ा गया, जबकि Toyota ने Innova Hycross को E20 ईंधन के लिए डिजाइन और प्रमाणित बताया। इस विवाद के बाद कानूनी कार्रवाई की खबरें भी सामने आईं।
इस पूरे प्रकरण में मनीष कश्यप का पक्ष और संबंधित कंपनी/प्राधिकारियों की जांच—दोनों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
अब राजनीति के बाद रियलिटी शो का मंच
‘Rise & Fall Season 2’ में वह दूसरे क्षेत्रों से आए चर्चित चेहरों के साथ दिखाई देंगे। शो में कुल 15 प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें मनीष कश्यप के अलावा तेज प्रताप यादव, काजल राघवानी, स्वरा भास्कर, करण पटेल, प्रियंका चाहर चौधरी और शहजाद पूनावाला जैसे नाम शामिल हैं।
शो का मूल फॉर्मेट सत्ता और संसाधनों के अंतर पर आधारित है। प्रतिभागियों को *Rulers और Workers* के दो समूहों में बांटा जाता है। Rulers पेंटहाउस में रहते हैं, जबकि Workers बेसमेंट में रहते हैं। टास्क, रणनीति, वोटिंग और बदलते समीकरणों के जरिए खिलाड़ियों की स्थिति बदल सकती है।
मनीष कश्यप की एंट्री के प्रोमो में भी उनका वही बेबाक अंदाज देखने को मिलता है, जिसके लिए वह सोशल मीडिया पर जाने जाते रहे हैं।
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