बसपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, मायावती ने देश को 3 सेक्टर में बांटा; रामजी गौतम और राजाराम को बड़ी जिम्मेदारी
सोशल मीडिया से ली गई तस्वीर.
Uttar Pradesh Politics: बहुजन समाज पार्टी में संगठन को नए सिरे से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है. राष्ट्रीय संयोजक के पद पर ईशान आनंद की नियुक्ति के बाद पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठनात्मक ढांचे में एक और बड़ा बदलाव किया है. पार्टी ने देशभर के संगठन को अब छह के बजाय तीन सेक्टर में बांटने का फैसला किया है.
नए ढांचे के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सेक्टर-1 में रखा गया है. इसकी जिम्मेदारी मायावती खुद संभालेंगी. वहीं, सेक्टर-2 और सेक्टर-3 की जिम्मेदारी राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम और पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम को दी गई है.
छह सेक्टर की जगह अब तीन सेक्टर
बसपा में पहले देश के संगठन को छह सेक्टर में बांटा गया था. नए संगठनात्मक ढांचे में इनकी संख्या घटाकर तीन कर दी गई है. पार्टी की ओर से राज्यों को नए सेक्टरों में शामिल करते हुए उनके प्रभारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है.
मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सेक्टर-1 में रखा है और इसकी कमान अपने पास रखी है. इससे इन दोनों राज्यों के संगठन की निगरानी सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर से होगी.
रामजी गौतम को 10 राज्यों की जिम्मेदारी
राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम को नए संगठनात्मक ढांचे में एक सेक्टर का प्रभारी बनाया गया है. उनके जिम्मे 10 राज्यों का संगठन रहेगा. उन्हें संबंधित राज्यों में पार्टी की गतिविधियों, संगठनात्मक कामकाज और प्रदेश इकाइयों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है.
रामजी गौतम बसपा के राष्ट्रीय स्तर के संगठन में पहले भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. नए सेक्टर सिस्टम में उन्हें व्यापक जिम्मेदारी मिलने से कई राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय का काम उनके स्तर से होगा.
राजाराम को नौ राज्यों का प्रभार
पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम को दूसरे सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनके अधीन नौ राज्यों का संगठन रहेगा. नए ढांचे के तहत उन्हें इन राज्यों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और प्रदेश इकाइयों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है.
इस बदलाव के साथ बसपा ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों के संगठन की निगरानी के लिए जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया है.
ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने के बाद बदलाव
संगठन में यह बदलाव ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है. 23 सितंबर को बसपा की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में ईशान आनंद को यह जिम्मेदारी दी गई थी. इससे पहले राष्ट्रीय संयोजक का पद आकाश आनंद के पास था.
ताजा संगठनात्मक व्यवस्था में ईशान आनंद की भूमिका भी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण हो गई है. रिपोर्टों के मुताबिक, वह नए सेक्टर प्रभारियों के साथ समन्वय करेंगे और संगठन से जुड़े कामकाज में उनकी भूमिका रहेगी.
चुनावी राज्यों पर संगठन की नजर
बसपा का यह संगठनात्मक पुनर्गठन ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां राजनीतिक दलों के स्तर पर चल रही हैं. पार्टी ने राष्ट्रीय से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने की दिशा में कदम बढ़ाया है.
नए सेक्टर ढांचे के जरिए बसपा ने देशभर के संगठन की निगरानी और राज्यों के बीच समन्वय की व्यवस्था में बदलाव किया है. अब तीनों सेक्टर के प्रभारियों के जरिए संबंधित राज्यों की संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा.
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