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गयाजी पितृपक्ष मेला 2026 में QR Wrist Band से सुरक्षा, AI से भीड़ पर नजर; 70 हेल्थ कैंप समेत ये हैं खास इंतजाम

गयाजी पितृपक्ष मेला 2026 में QR Wrist Band से सुरक्षा, AI से भीड़ पर नजर; 70 हेल्थ कैंप समेत ये हैं खास इंतजाम

Gaya Pitru Paksha Mela 2026: पितृपक्ष मेला 2026 में परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गया जी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले में बच्चों और बुजुर्गों को परिजनों से बिछड़ने से बचाने के लिए QR Code युक्त Wrist Band की व्यवस्था की गयी है. इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन, गुमशुदा लोगों की पहचान और भाषा की समस्या दूर करने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.

QR Wrist Band से बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाने की व्यवस्था

पितृपक्ष मेले में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए QR Code वाले Wrist Band उपलब्ध कराये जा रहे हैं. Wrist Band में परिजनों का मोबाइल नंबर और जरूरी विवरण दर्ज रहेगा. किसी श्रद्धालु के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में QR Code को स्कैन कर उसकी पहचान की जा सकेगी. इसके बाद दर्ज मोबाइल नंबर पर Alert Message भेजकर परिजनों से संपर्क करने में मदद मिलेगी.

भाषा की बाधा दूर करेगा ट्रांसलेशन सिस्टम

देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए हेल्प डेस्क पर Google Translator System की सुविधा दी गयी है. इसके माध्यम से अलग-अलग भाषाओं में बातचीत और जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है. श्रद्धालु अपनी भाषा में जवाब सुन सकेंगे, जिससे उन्हें मेले में आवश्यक जानकारी हासिल करने में आसानी होगी.

भीड़ बढ़ने पर AI देगा अधिकारियों को अलर्ट

पितृपक्ष मेले में कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए AI और कैमरों की मदद ली जा रही है. किसी स्थान पर अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति में अधिकारियों को लोकेशन के साथ Alert मिलने की व्यवस्था की गयी है. इससे संबंधित स्थान पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.

गुमशुदा श्रद्धालुओं की पहचान में कैमरों और AI की मदद

मेले के दौरान किसी व्यक्ति के गुम होने की स्थिति में उसकी पहचान के लिए AI और कैमरा आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. उपलब्ध जानकारी और कैमरों की मदद से गुमशुदा व्यक्ति को तलाशने में सहायता मिलेगी.

बच्चों ने भी गयाजी के कायाकल्प में निभाई भूमिका

पितृपक्ष मेले के दौरान गया शहर में ‘कायाकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत शहर को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर सजावट और चित्रकारी की जा रही है. गयाजी के बच्चों ने भी इसमें भाग लिया है. बच्चे दीवारों पर भगवान विष्णु से जुड़ी कलाकृतियां बनाकर शहर को नया रूप देने में योगदान दे रहे हैं.

प्रतिदिन 75,348 लोगों के नि:शुल्क आवासन की व्यवस्था

पितृपक्ष मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रतिदिन 75,348 लोगों के नि:शुल्क आवासन की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 943 शौचालय, 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम तैयार किये गये हैं.

पेयजल की सुविधा के साथ रोजाना हो रही पानी की जांच

मेले में श्रद्धालुओं के लिए 280 चापाकल और 890 नल लगाए गए हैं. पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पानी की रोजाना PHED लैब में जांच की जा रही है.

70 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी तैनात

श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पितृपक्ष मेला क्षेत्र में कुल 70 स्वास्थ्य शिविर संचालित किये जा रहे हैं. इन शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गयी है. IMA की ओर से भी श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गयी है.

150 ई-रिक्शा से श्रद्धालुओं को मिलेगी मुफ्त परिवहन सुविधा

श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान बनाने के लिए मेला क्षेत्र में 150 नि:शुल्क ई-रिक्शा का संचालन किया जा रहा है. इससे प्रमुख स्थानों के बीच आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी.

जीविका दीदियों की रसोई में 30 रुपये में सात्विक भोजन

पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं के लिए जीविका दीदियों की रसोई की भी विशेष व्यवस्था की गयी है. यहां श्रद्धालुओं को मात्र 30 रुपये में उच्च गुणवत्ता वाला सात्विक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है. प्रशासन का जोर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है.

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