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स्पैम कॉल से मिलेगी राहत? अब शिकायत से पहले AI पकड़ेगा संदिग्ध नंबर, ट्राई ने बदले नियम

स्पैम कॉल से मिलेगी राहत? अब शिकायत से पहले AI पकड़ेगा संदिग्ध नंबर, ट्राई ने बदले नियम


 TRAI Spam Call Rule: मोबाइल पर आने वाली अनचाही और संदिग्ध कॉल को लेकर दूरसंचार नियामक ट्राई ने कार्रवाई की प्रक्रिया को और सख्त किया है. अब टेलीकॉम कंपनियों को केवल उपभोक्ता की शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई नहीं करनी होगी, बल्कि अपने AI और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम से संदिग्ध स्पैम कॉल की पहचान कर उसके स्रोत तक पहुंचना होगा.

AI सिस्टम संदिग्ध कॉल की करेगा पहचान

ट्राई की व्यवस्था के तहत टेलीकॉम कंपनियां AI/ML आधारित सिस्टम के जरिए कॉलिंग पैटर्न का विश्लेषण करेंगी. किसी नंबर को संदिग्ध स्पैम के तौर पर चिह्नित किए जाने के बाद उसकी जानकारी संबंधित ओरिजिनेटिंग ऑपरेटर तक पहुंचाई जाएगी.

नियमों के अनुसार, संदिग्ध CLI की पहचान होने के बाद संबंधित जानकारी अधिकतम दो घंटे के भीतर DLT प्लेटफॉर्म के जरिए संबंधित ऑपरेटर के साथ साझा करनी होगी.

संदिग्ध नंबर की KYC पहचान तक पहुंचेगी जांच

सिर्फ नंबर की पहचान करने तक प्रक्रिया सीमित नहीं रहेगी. संबंधित ऑपरेटर को उस नंबर से जुड़े KYC रिकॉर्ड की पहचान करनी होगी. इसके बाद दूसरे ऑपरेटरों के नेटवर्क पर उसी Sender से जुड़े अन्य टेलीकॉम संसाधनों की भी जानकारी जुटाई जाएगी.

इसका मकसद यह पता लगाना है कि एक ही Sender अलग-अलग मोबाइल नंबर या CLI का इस्तेमाल करके स्पैम कॉल तो नहीं कर रहा है.

10 दिनों के रिकॉर्ड से पकड़े जाएंगे कई नंबर

ट्राई की प्रक्रिया में पिछले 10 दिनों के संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा. यदि किसी एक Sender से जुड़े पांच या उससे अधिक CLI को इस अवधि में संदिग्ध स्पैम के तौर पर चिह्नित किया जाता है, तो संबंधित ऑपरेटरों को उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी.

अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क की जानकारी भी जुड़ेगी

इस व्यवस्था का एक अहम पहलू यह है कि किसी Sender से जुड़े नंबरों की जानकारी अलग-अलग टेलीकॉम नेटवर्क के बीच साझा की जा सकेगी. इससे अलग-अलग कंपनियों के नंबर इस्तेमाल कर स्पैम गतिविधि करने वाले Sender की पहचान करने में मदद मिल सकती है.

ट्राई पहले से ही अनचाही व्यावसायिक संचार यानी UCC पर निगरानी के लिए AI आधारित तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है. फरवरी 2026 में प्राधिकरण ने AI/ML आधारित UCC_Detect के जरिए ऑपरेटरों के बीच जानकारी साझा करने और नियामकीय कार्रवाई से संबंधित दिशा-निर्देश भी जारी किए थे.

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा

नई व्यवस्था का सीधा असर स्पैम कॉल की पहचान और उस पर कार्रवाई की गति पर पड़ेगा. उपभोक्ता की शिकायत आने का इंतजार किए बिना संदिग्ध कॉलिंग पैटर्न पर निगरानी रखने की व्यवस्था की जा रही है.

ट्राई उपभोक्ताओं को अनचाही व्यावसायिक कॉल और संदेशों के खिलाफ शिकायत या रिपोर्ट करने की सुविधा भी देता है.

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