IIT कानपुर से IPS तक का सफर, नक्सल-आतंकवाद के खिलाफ काम से लेकर मगध IG बनने तक, जानिए विकास वैभव की पूरी कहानी
IPS Vikash Vaibhav: बिहार कैडर के चर्चित IPS अधिकारी विकास वैभव एक बार फिर फील्ड पुलिसिंग को लेकर चर्चा में हैं. करीब छह साल बाद मई 2026 में उन्हें मगध रेंज का पुलिस महानिरीक्षक (IG) बनाया गया. इस पद के साथ गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा और औरंगाबाद समेत मगध क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आई.
विकास वैभव की पहचान ऐसे पुलिस अधिकारी के तौर पर बनी है, जिन्होंने जिला पुलिसिंग के साथ नक्सल प्रभावित इलाकों, आतंकवाद से जुड़े मामलों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. उनकी कार्यशैली में फील्ड विजिट, जनता से सीधा संवाद और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही पर जोर दिखाई देता है.
बेगूसराय के बिहट से शुरू हुआ सफर
विकास वैभव का जन्म 21 नवंबर 1979 को हुआ. वह मूल रूप से बेगूसराय जिले के बिहट के रहने वाले हैं. उन्होंने IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सेवा को अपना करियर चुना और भारतीय पुलिस सेवा में आए.
2003 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी विकास वैभव ने शुरुआती दौर में बिहार में फील्ड पुलिसिंग की जिम्मेदारियां संभालीं. यही अनुभव आगे उनके पुलिस करियर की मजबूत पहचान बना.
पटना से बगहा और रोहतास तक फील्ड पुलिसिंग
विकास वैभव ने पटना में सिटी एसपी के रूप में काम किया. इसके बाद बगहा और रोहतास जैसे महत्वपूर्ण जिलों में एसपी की जिम्मेदारी संभाली. बगहा और रोहतास में उनकी पोस्टिंग ऐसे समय में रही, जब पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था के साथ नक्सली गतिविधियों की चुनौती भी थी.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने के दौरान फील्ड ऑपरेशन और स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत करने का अनुभव उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.
NIA में आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच
विकास वैभव के करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय NIA से जुड़ा रहा. राष्ट्रीय जांच एजेंसी में एसपी के रूप में उन्होंने आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच की. विभिन्न रिपोर्टों में भारतीय मुजाहिदीन से जुड़े मामलों की जांच और आतंकी नेटवर्क की पड़ताल में उनकी भूमिका का उल्लेख मिलता है.
उनके करियर से जुड़ी रिपोर्टों में कुख्यात आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी से जुड़े ऑपरेशन में भी उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है. हालांकि ऐसे अभियानों की जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत भूमिका को अलग-अलग आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही देखा जाना चाहिए.
पटना SSP से DIG और ATS तक
NIA से लौटने के बाद विकास वैभव को बिहार में फिर महत्वपूर्ण पुलिस जिम्मेदारियां मिलीं. वह पटना के SSP रहे. इसके बाद पूर्णिया में SP की जिम्मेदारी संभाली और फिर पटना SSP बने.
इसके बाद उन्होंने AIG Training के रूप में काम किया. DIG भागलपुर रेंज रहते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली. मुंगेर रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहा.
बाद में वह बिहार ATS के DIG बने. ATS में उनकी जिम्मेदारी आतंकवाद से जुड़े मामलों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से जुड़ी रही.
गृह विभाग और होमगार्ड-फायर सर्विसेज में भी जिम्मेदारी
पुलिस के बाद उन्हें बिहार सरकार के गृह विभाग में Special Secretary की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद वह IG Home Guards and Fire Services बने.
इन पदों पर रहते हुए उनका काम सीधे फील्ड पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों तक भी विस्तृत हुआ.
Let's Inspire Bihar के जरिए युवाओं से जुड़ाव
पुलिस सेवा के साथ विकास वैभव की सार्वजनिक पहचान सामाजिक पहल Let's Inspire Bihar से भी बनी. इस अभियान के जरिए वह बिहार के इतिहास, संस्कृति, प्रतिभा और विकास की संभावनाओं को लेकर युवाओं के बीच संवाद करते रहे हैं.
हालिया रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2026 में गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम में भी उन्होंने विकसित बिहार के विजन पर बात की और बिहार के विकास के लिए सामाजिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया.
छह साल बाद फिर फील्ड में वापसी
2023 के बाद विकास वैभव राज्य योजना परिषद से जुड़ी जिम्मेदारी में रहे. इसके बाद मई 2026 में बिहार सरकार के प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें मगध रेंज का IG बनाया गया.
यह पोस्टिंग उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी गई क्योंकि इसके साथ करीब छह साल बाद उनकी दोबारा फील्ड पुलिसिंग में वापसी हुई.
मगध IG बनने के बाद जनता से सीधा संवाद
मगध IG की जिम्मेदारी संभालने के बाद विकास वैभव ने पुलिस और आम लोगों के बीच सीधे संवाद पर जोर दिया. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने लोक संवाद गोष्ठियों के जरिए लोगों की समस्याएं सुनने की पहल की.
कुछ मामलों में उन्होंने जांच अधिकारियों को सीधे तलब कर केस की प्रगति पर सवाल किए. उनकी कार्यशैली में पीड़ितों की शिकायत सुनने और पुलिस जांच में लापरवाही पर जवाबदेही तय करने का संदेश दिखाई दिया.
पुलिस की लापरवाही पर सख्त रुख
मगध रेंज में पदभार संभालने के बाद विकास वैभव ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही. रिपोर्टों में उनके हवाले से भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी का उल्लेख है.
जनता से सीधे संवाद की उनकी पहल को इसी व्यापक पुलिसिंग मॉडल का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें थाने तक पहुंचने में परेशान लोगों की शिकायतों को वरिष्ठ स्तर पर सुनने की कोशिश की जा रही है.
बेगूसराय की रिंकू कुमारी हत्याकांड की जांच में भी चर्चा
हाल में बेगूसराय की जेल वार्डन रिंकू कुमारी हत्याकांड की जांच को लेकर भी विकास वैभव चर्चा में रहे. पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित SIT की जांच का नेतृत्व उनके द्वारा किए जाने की रिपोर्ट सामने आई. रिपोर्ट के मुताबिक SIT ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया.
2023 का विवाद भी रहा सुर्खियों में
विकास वैभव का नाम 2023 में एक बड़े प्रशासनिक विवाद से भी जुड़ा. उस समय उनके और तत्कालीन वरिष्ठ IPS अधिकारी शोभा अहोतकर के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं.
विकास वैभव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आया. तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों के सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी करने पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि अधिकारियों को अपनी शिकायत विभागीय या वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखनी चाहिए.
इस विवाद के बाद उनकी पोस्टिंग और विभागीय स्थिति को लेकर भी काफी चर्चा हुई. हालांकि विवाद के अलग-अलग पक्षों और आरोपों को संबंधित अधिकारियों के बयानों और आधिकारिक दस्तावेजों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए.
इस्तीफे की चर्चा भी हुई, लेकिन सेवा में बने रहे
2025 में विकास वैभव के इस्तीफे की खबरें भी चर्चा में आई थीं. बाद में वह सेवा में बने रहे और 2026 में उन्हें फिर महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग मिली. मई 2026 में मगध IG बनाए जाने के बाद उनकी प्रशासनिक भूमिका फिर से चर्चा में आ गई.
विकास वैभव की प्रमुख पोस्टिंग
2003: बिहार कैडर में IPS अधिकारी के रूप में सेवा की शुरुआत
सिटी SP, पटना: शुरुआती महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग
SP, बगहा: नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुलिसिंग का अनुभव
SP, रोहतास: कानून-व्यवस्था और नक्सल चुनौती से जुड़ी जिम्मेदारी
SP, NIA: आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच
SSP, पटना: राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी
SP, पूर्णिया: जिला पुलिसिंग
AIG Training: पुलिस प्रशिक्षण से जुड़ी जिम्मेदारी
DIG, भागलपुर रेंज: रेंज स्तर की पुलिसिंग
DIG, मुंगेर रेंज: अतिरिक्त प्रभार
DIG, ATS: आतंकवाद निरोधक पुलिसिंग
Special Secretary, गृह विभाग: प्रशासनिक जिम्मेदारी
IG, Home Guards & Fire Services: होमगार्ड और अग्निशमन सेवाएं
Bihar State Planning Council: सलाहकार की जिम्मेदारी
मई 2026 से: IG, मगध रेंज
संघर्ष, विवाद और सख्त पुलिसिंग से बनी अलग पहचान
विकास वैभव की कहानी IIT कानपुर से शुरू होकर बिहार की फील्ड पुलिसिंग, NIA की जांच, ATS, गृह विभाग और फिर मगध IG तक पहुंचती है. एक तरफ उनके करियर में आतंकवाद और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रही हैं, वहीं दूसरी तरफ 2023 का वरिष्ठ अधिकारी से विवाद और 2025 में इस्तीफे की चर्चा भी उनके सार्वजनिक करियर का हिस्सा रही.
अब मगध IG के रूप में उनका फोकस अपराध नियंत्रण, पुलिस की जवाबदेही और जनता से सीधे संवाद पर है. आने वाले समय में उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा पैमाना यही होगा कि मगध क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आम लोगों के पुलिस पर भरोसे को वह किस तरह मजबूत करते हैं.
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