दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर चिराग पासवान का बयान, बोले- भारत के युवाओं को कोई नहीं रोक सकता
Chirag Paswan: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. हरियाणा के सोनीपत स्थित कुंडली पहुंचे चिराग ने कहा कि भारत के युवाओं में पूरी दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता है. उन्हें किसी भी परिस्थिति में आगे बढ़ने से नहीं रोका जा सकता.
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है. इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के बीच बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से दिल्ली जाने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द किए जाने की खबर सामने आयी है. इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने युवाओं की क्षमता और उनके आगे बढ़ने के संकल्प का जिक्र किया.
कितनी ट्रेनें और सड़कें रोककर युवाओं को रोकेंगे?
चिराग पासवान ने विरोध और अफवाहों के जरिए लोगों के बीच भ्रम फैलाने वालों पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि आखिर कितनी ट्रेनों को रोका जा सकता है और कितनी सड़कों पर आवागमन बाधित किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि देश के युवा हर चुनौती का सामना करते हुए आगे बढ़ना जानते हैं. पिछली पीढ़ियों की तरह आज की युवा पीढ़ी में भी बाधाओं को पार कर अपने लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता है. उनके मुताबिक, युवाओं की इस ताकत को रोकना आसान नहीं है.
चुनाव आयोग पर सवाल हैं तो सीधे बात करें विपक्षी दल
चिराग पासवान इससे पहले भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को अपनी बात आयोग के सामने रखने की सलाह दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई संदेह या आपत्ति है, तो उसे संबंधित संस्था से संवाद करना चाहिए.
उनका कहना था कि बार-बार विरोध प्रदर्शन करने के बजाय बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद की अहम भूमिका है और किसी भी मुद्दे पर समाधान निकालने के लिए जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखना जरूरी है.
निर्वाचन आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था, प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की सलाह
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना राजनीतिक दलों का अधिकार है. हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी दलों की प्राथमिकता समाधान निकालना है या केवल विरोध करना.
चिराग पासवान ने निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलने का समय मांग सकते हैं. वे अपनी आपत्तियां और सवाल संबंधित अधिकारियों के सामने रखकर जवाब मांग सकते हैं.
उन्होंने विपक्षी दलों को सुझाव दिया कि लगातार सड़कों पर विरोध करने के बजाय बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करें.
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