सीतामढ़ी में पुलिस और बदमाशों के बीच एनकाउंटर, दिनेश यादव हत्याकांड के 3 आरोपित घायल
Bihar Police Encounter: बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बीच सीतामढ़ी से बड़ी खबर सामने आयी है. रीगा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गयी. पुलिस के अनुसार, दिनेश यादव हत्याकांड में फरार चल रहे तीन आरोपितों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में तीनों घायल हो गये. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा है.
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से तीन पिस्टल और एक पिट्ठू बैग बरामद किया है. पुलिस के अनुसार, बैग से बड़ी संख्या में कारतूस भी मिले हैं. बरामद हथियारों की जांच के साथ पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल किन वारदातों में हुआ था.
दिनेश यादव हत्याकांड के बाद से पुलिस को थी आरोपितों की तलाश
पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को रीगा थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर दिनेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गयी थी. हत्याकांड में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच कर रही थी.
इसी क्रम में छह-सात अक्टूबर की रात करीब 11 बजे जिला आसूचना इकाई को सूचना मिली कि हत्याकांड का आरोपित सुनील कुशवाहा अपने साथियों के साथ रीगा-परसौनी इलाके में घूम रहा है. सूचना के आधार पर रीगा पुलिस, डीआईयू और एसआईटी की टीम सक्रिय हुई.
रेवासी-भगवानपुर बॉर्डर पर संदिग्धों को देखा
पुलिस टीम रीगा-परसौनी मार्ग पर गश्त कर रही थी. इसी दौरान रेवासी-भगवानपुर बॉर्डर के पास एक बाइक पर तीन संदिग्ध नजर आये. पुलिस के अनुसार, टीम को देखते ही तीनों ने बाइक से भागने की कोशिश की.
भागने के दौरान बाइक अनियंत्रित होकर गिर गयी. इसके बाद पुलिस और संदिग्धों के बीच फायरिंग हुई. पुलिस का दावा है कि बदमाशों ने पहले गोली चलायी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की.
तीनों के पैर में लगी गोली, अस्पताल में कराया गया भर्ती
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों संदिग्ध घायल हो गये. इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया.
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, घायल आरोपितों की हालत को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए एसकेएमसीएच रेफर किया गया है. घटना में रीगा थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी के बाल-बाल बचने की भी जानकारी सामने आयी है.
गिरफ्तार आरोपितों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रीगा थाना क्षेत्र के सुनील कुशवाहा, बेलसंड क्षेत्र के मणि कुमार और गाढ़ा थाना क्षेत्र के इंदल कुमार के रूप में हुई है.
पुलिस का कहना है कि तीनों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इनके खिलाफ हत्या, लूट समेत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं.
बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से जांच का दायरा बढ़ा
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की तलाशी में पुलिस को तीन पिस्टल और एक बैग मिला. पुलिस के अनुसार, बैग में बड़ी संख्या में कारतूस थे. कुछ रिपोर्टों में बरामद कारतूसों की संख्या करीब 800 बतायी गयी है. हालांकि, इस बरामदगी और हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है.
पुलिस अब बरामद हथियारों को दिनेश यादव हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है. पुलिस को आशंका है कि बरामद हथियारों में कुछ का इस्तेमाल इस हत्याकांड में हुआ हो सकता है. इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी.
क्या किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं आरोपित?
मुठभेड़ के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल गिरफ्तार आरोपितों के नेटवर्क को लेकर है. जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों अकेले काम कर रहे थे या किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं.
पूछताछ में दिनेश यादव हत्याकांड में इनकी भूमिका, इनके संपर्क में रहने वाले लोगों और पूर्व की आपराधिक घटनाओं से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद है. पुलिस हथियारों और बरामद सामान की जांच के साथ आरोपितों के पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है.
बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर फिर चर्चा
सीतामढ़ी की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब बिहार में पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है. इस मामले में भी पुलिस का कहना है कि टीम ने पहले आरोपितों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की और फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई की.
हालांकि, मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों की जांच पुलिस स्तर पर जारी है. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाये गये हैं और बरामद सामान को जांच में शामिल किया गया है. आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि दिनेश यादव हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपितों की भूमिका क्या थी और उनके आपराधिक नेटवर्क की पहुंच कितनी दूर तक है.
दिनेश हत्याकांड की जांच में अहम कड़ी
तीन आरोपितों की गिरफ्तारी को पुलिस दिनेश यादव हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है. अब पूछताछ के जरिए हत्या की पूरी साजिश, आरोपितों की भूमिका और उनसे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश होगी.
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जायेगी.
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