राहुल गांधी के साथ कॉफी, अगले दिन पीएम मोदी संग मेट्रो की सवारी; तमिलनाडु के सीएम विजय की राजनीति के क्या हैं मायने?
Tamil Nadu CM Vijay: तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री विजय की हालिया मुलाकातों ने नई सियासी चर्चा छेड़ दी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ कैफे में कॉफी पीने के अगले ही दिन विजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चेन्नई मेट्रो में सवार हुए और आईआईटी मद्रास परिसर स्थित मंदिर में दर्शन किए. इन मुलाकातों को कांग्रेस के साथ राजनीतिक तालमेल बनाए रखने और केंद्र सरकार के साथ संबंधों में संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण को हरी झंडी दिखाने के लिए तमिलनाडु पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ मेट्रो की सवारी की और आईआईटी मद्रास परिसर स्थित मंदिर में दर्शन किए. प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान करीब 13,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम भी था.
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद क्यों बढ़ीं चर्चाएं?
विजय की राहुल गांधी के साथ लंच और कॉफी पर हुई मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. कांग्रेस तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार की सहयोगी है. ऐसे में राहुल गांधी के साथ मुलाकात के अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ विजय की सार्वजनिक मौजूदगी को राजनीतिक संतुलन की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
हालांकि, इन मुलाकातों के आधार पर किसी नए राजनीतिक गठबंधन या समीकरण में बदलाव की पुष्टि नहीं की जा सकती. दोनों मुलाकातों के राजनीतिक मायनों को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हो गई हैं.
'विजय को प्रधानमंत्री बनाओ' की मांग पर क्या है टीवीके का रुख?
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की मांग भी उठ रही है. टीवीके का कहना है कि 'विजय को प्रधानमंत्री बनाओ' का नारा कुछ कार्यकर्ताओं की इच्छा है, न कि पार्टी का आधिकारिक रुख. हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठाया है कि देश के विकास में अहम योगदान देने वाला तमिलनाडु प्रधानमंत्री पद तक क्यों नहीं पहुंच सकता.
विजय ने भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका निभाने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है. इस वजह से उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.
बीजेपी को वैचारिक विरोधी मानते हैं विजय
मुख्यमंत्री विजय ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपनी पार्टी का वैचारिक विरोधी बताया है. इसके बावजूद राज्य सरकार को केंद्रीय योजनाओं, वित्तीय सहायता और निवेश जैसे मामलों में केंद्र के साथ समन्वय करना पड़ता है. ऐसे में उनकी सरकार केंद्र के साथ संबंधों को सीधे टकराव की स्थिति में ले जाने से बचती दिखाई देती है.
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती भूमिका पर नजर
विजय की हालिया मुलाकातें ऐसे समय में हुई हैं, जब टीवीके की राष्ट्रीय राजनीति में संभावित भूमिका और उनकी प्रधानमंत्री पद से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं पर चर्चा हो रही है. कांग्रेस के साथ सहयोग और केंद्र सरकार के साथ कामकाजी संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखना उनके लिए अहम हो सकता है.
फिलहाल, विजय की इन मुलाकातों को राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा है. आने वाले समय में टीवीके और कांग्रेस के रिश्ते, केंद्र के साथ राज्य सरकार का समन्वय और पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति यह स्पष्ट करेंगे कि विजय की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है.

0 Response to "राहुल गांधी के साथ कॉफी, अगले दिन पीएम मोदी संग मेट्रो की सवारी; तमिलनाडु के सीएम विजय की राजनीति के क्या हैं मायने?"
एक टिप्पणी भेजें