मधुबनी में PM आवास की सूची पर ग्राम सभा में हंगामा, ग्रामीणों ने कहा- जरूरतमंदों के नाम गायब और पहले लाभ पा चुके लोगों को फिर जगह
रिपोर्टर, पांडव कुमार यादव: मधुबनी के रहिका प्रखंड की नाजिरपुर पंचायत के श्रीचंदरपुर, वार्ड नंबर-3 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्लस ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची को लेकर ग्राम सभा के दौरान हंगामा हो गया. ग्रामीणों ने सूची में अपात्र और पहले से आवास का लाभ ले चुके लोगों के नाम शामिल किए जाने का आरोप लगाया, जबकि जरूरतमंद परिवारों के नाम सूची से गायब होने की बात कही.
करीब 1200 लाभार्थियों के नामों को लेकर उठे सवाल
नाजिरपुर पंचायत में आवास प्लस ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची को लेकर ग्राम सभा आयोजित की गई थी. सभा की अध्यक्षता मुखिया फुलपरी देवी कर रही थीं. बैठक के दौरान करीब 1200 लाभार्थियों के नाम पुकारे गए.
ग्रामीणों के अनुसार, सूची सामने आने के बाद कई नामों को लेकर सवाल उठने लगे. इसके बाद बैठक में मौजूद लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया और देखते ही देखते ग्राम सभा में हंगामे की स्थिति बन गई.
पहले आवास पा चुके परिवारों के नाम दोबारा शामिल करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त कर चुके कुछ परिवारों के नाम दोबारा प्रतीक्षा सूची में शामिल किए गए हैं.
वहीं, ग्रामीणों ने दावा किया कि कई गरीब, जरूरतमंद और दिव्यांग परिवारों के नाम सूची में नहीं हैं. लोगों ने सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है.
मुखिया और आवास कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
ग्राम सभा में ग्रामीणों ने मुखिया, वार्ड सदस्य तथा पूर्व और वर्तमान आवास सहायकों पर भी गंभीर आरोप लगाए. ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोगों से कथित तौर पर राशि लेकर सूची में नाम शामिल किए गए, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ से वंचित किया गया.
कुछ ग्रामीणों ने आवास योजना के नाम पर राशि की कथित उगाही और ठगी किए जाने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
हंगामे के बाद जिम्मेदार लोगों के चले जाने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि हंगामा बढ़ने के बाद मुखिया, वार्ड सदस्य और वर्तमान आवास सहायक मौके से चले गए. इसके बाद ग्रामीणों ने विवादित सूची को रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
ग्रामीणों की मांग है कि सूची तैयार करने की प्रक्रिया की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि किन लोगों को पहले आवास योजना का लाभ मिल चुका है और किन पात्र परिवारों को सूची से बाहर रखा गया है.
जांच के बाद ही सामने आएगी सूची की वास्तविक स्थिति
मामले में मुखिया फुलपरी देवी, संबंधित वार्ड सदस्य और वर्तमान आवास सहायक की ओर से आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. ऐसे में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच पर नजर है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतीक्षा सूची तैयार करने में नियमों का पालन हुआ है या किसी स्तर पर अनियमितता हुई है.
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