पटना हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद पाम होटल सील, संचालक ने लगाया दबाव में कार्रवाई का आरोप
Bihar News: पटना में पाम होटल को नगर निगम द्वारा सील किए जाने का मामला सामने आया है। होटल संचालक सुरजीत सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि पटना हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद 16 सितंबर 2026 को होटल को सील किया गया। संचालक ने इस कार्रवाई को न्यायालय के आदेश की अवहेलना बताते हुए पूरे मामले की जांच और न्याय की मांग की है।
हैंडलूम भवन में संचालित है होटल
सुरजीत सिंह के अनुसार, बिहार स्टेट हैंडलूम वीवर्स को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड का राजेंद्र नगर स्थित हैंडलूम भवन एक व्यावसायिक परिसर है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस परिसर को वर्ष 1960 में तत्कालीन पटना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट से 97,175 रुपये में खरीदा गया था।
संचालक का कहना है कि परिसर का उद्देश्य फेडरेशन की आय बढ़ाने और बुनकरों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू करना था।
2020 के बाद खाली पड़ा था परिसर
प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि वर्ष 1987 में हैंडलूम भवन के प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल को पंजाब नेशनल बैंक को आवंटित किया गया था। वर्ष 2020 में परिसर खाली होने के बाद यह चार साल से अधिक समय तक खाली पड़ा रहा।
सुरजीत सिंह के अनुसार, लंबे समय तक परिसर के खाली रहने से फेडरेशन की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।

7 लाख रुपये मासिक किराए पर लिया परिसर
संचालक के मुताबिक, इसी दौरान उनकी फर्म 'सुरजीत इवेंट' को बिस्कोटेक्स की शर्तों के आधार पर परिसर 7 लाख रुपये मासिक किराए पर आवंटित किया गया। उनके अनुसार, जर्जर भवन की मरम्मत की जिम्मेदारी भी उनकी फर्म को दी गई थी।
सुरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने परिसर में मरम्मत का काम शुरू कराया, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
500 वर्ग फीट जगह और होटल में पार्टनर बनाने का आरोप
संचालक ने आरोप लगाया कि हैंडलूम भवन के शॉप नंबर-9 में दीपशिखा गैस एजेंसी संचालित करने वाले अभिजीत कश्यप की ओर से 500 वर्ग फीट जगह देने और होटल में पार्टनर बनाने का दबाव बनाया गया।
सुरजीत सिंह के अनुसार, एग्रीमेंट में सबलेट करने की अनुमति नहीं होने के कारण उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद कथित तौर पर विवाद बढ़ गया।
नगर निगम में शिकायतों के जरिए कार्रवाई का आरोप
होटल संचालक ने आरोप लगाया कि इसके बाद अभिजीत कश्यप और उनके सहयोगियों द्वारा पटना नगर निगम सहित अन्य विभागों में शिकायत और पत्राचार किया गया। संचालक का दावा है कि इन शिकायतों और प्रभाव के चलते होटल के खिलाफ कार्रवाई की गई।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित व्यक्ति या पटना नगर निगम का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद सीलिंग का दावा
सुरजीत सिंह के अनुसार, पटना नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। उनका दावा है कि इस मामले में न्यायालय ने स्थगनादेश जारी किया है।
संचालक का आरोप है कि इसके बावजूद 16 सितंबर 2026 को पटना नगर निगम ने होटल परिसर को सील कर दिया। उन्होंने इसे हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
बैंक से कर्ज लेकर शुरू किया था कारोबार
सुरजीत सिंह ने बताया कि होटल का कारोबार शुरू करने के लिए उन्होंने बैंक से लाखों रुपये का कर्ज लिया है। उनके अनुसार, होटल के सील होने से कारोबार प्रभावित हुआ है और परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने बिहार सरकार से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
सरकार से कार्रवाई की मांग
होटल संचालक ने बिहार सरकार से कथित दबाव और प्रभाव की जांच कराने, नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई की समीक्षा करने तथा न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
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