खंभे लगे पर तार नहीं! बिजली की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीण, चिराग पासवान ने दिया आश्वासन
Chirag Paswan: बख्तियारपुर रेलवे स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में शामिल होने जा रहे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के काफिले को शुक्रवार को ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए रोक दिया. बख्तियारपुर-पटना फोरलेन पर रवाईच गांव के समीप जुटे ग्रामीण अपने टोले में लंबे समय से बिजली की समस्या दूर नहीं होने से नाराज थे. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की गुहार लगाई.
ग्रामीणों का आरोप है कि उस्मानपुर पंचायत के वार्ड संख्या 10 के मकदूमपुर गांव स्थित पासवान टोले में पिछले दस वर्षों से बिजली आपूर्ति बाधित है. उनका कहना है कि गांव में बिजली के खंभे गाड़ दिए गए हैं, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण तार नहीं खींचे जा सके हैं. इस वजह से टोले के लोग बिजली की सुविधा से वंचित हैं.
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की समस्या को लेकर वे कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं. प्रखंड मुख्यालय में आयोजित शिविर में भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है. लंबे समय से बिजली का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री के आगमन की सूचना मिलने पर उनसे सीधे अपनी समस्या रखने का निर्णय लिया.
शुक्रवार को चिराग पासवान का काफिला बख्तियारपुर-पटना फोरलेन पर रवाईच गांव के समीप पहुंचा, तो ग्रामीण सड़क पर जुट गए. काफिले को एस्कॉर्ट कर रही पुलिस ने ग्रामीणों को सड़क से हटाने का प्रयास किया. इसी दौरान केंद्रीय मंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई और ग्रामीणों की समस्या सुनी.
आवेदन लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया
अथमलगोला प्रखंड लोजपा अध्यक्ष संदीप पासवान के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री को अपनी समस्या से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि बिजली के खंभे लगे होने के बावजूद तार नहीं खींचे जाने से पूरा टोला बिजली की सुविधा से वंचित है. ग्रामीणों ने इस संबंध में चिराग पासवान को आवेदन भी सौंपा.
केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीणों से आवेदन लेकर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने समस्या के समाधान की उम्मीद जताई.
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से बिजली की सुविधा के लिए संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं. अब केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्हें उम्मीद है कि उनके टोले में बिजली आपूर्ति बहाल कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.

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