-->
केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन बंद, 500 तीर्थयात्री फंसे; बिहार में 5 नदियां खतरे के ऊपर

केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन बंद, 500 तीर्थयात्री फंसे; बिहार में 5 नदियां खतरे के ऊपर

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच बारिश और बाढ़ का असर बना हुआ है. उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन स्थगित है. करीब 500 तीर्थयात्रियों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है. वहीं बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. राज्य के 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं और कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन भी बंद

उत्तराखंड में लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है. चीरबासा क्षेत्र में मार्ग बाधित होने के बाद प्रशासन ने यात्रा रोक दी है. यात्रा लगातार तीसरे दिन बंद रहने से करीब 500 तीर्थयात्रियों के फंसे होने की सूचना है. मार्ग को सुरक्षित बनाने और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

पांच राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. मौसम संबंधी ताजा पूर्वानुमानों में बिहार समेत देश के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है.

बिहार में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार में बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. ताजा रिपोर्टों के अनुसार करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में पानी घटने लगा है, लेकिन प्रमुख नदियों के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर बने रहने के कारण जोखिम अभी टला नहीं है.

गंडक से घाघरा तक खतरे के निशान के ऊपर

बिहार जल संसाधन विभाग के 15 सितंबर के रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार कई नदी स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक 62.30 मीटर पर दर्ज की गई, जबकि खतरे का निशान 62.22 मीटर है. वैशाली के लालगंज में गंडक 50.75 मीटर पर रही, जो 50.50 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है.

सीवान के दरौली में घाघरा 61.00 मीटर पर दर्ज की गई, जबकि खतरे का निशान 60.82 मीटर है. भागलपुर में गंगा, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना में पुनपुन और मनेर में सोन नदी भी संबंधित स्टेशनों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गईं.

कुछ नदियों में पानी घट रहा, लेकिन खतरा बरकरार

रियल-टाइम आंकड़ों में कुछ स्थानों पर जलस्तर घटने का रुझान भी दिख रहा है. खगड़िया में बूढ़ी गंडक, मनेर में सोन और सीवान के दरौली में घाघरा का जलस्तर गिर रहा है. इसके बावजूद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं, इसलिए तटवर्ती और निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी बनी हुई है.

बिहार में क्यों बनी हुई है बाढ़ की स्थिति

बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति केवल स्थानीय बारिश से नहीं जुड़ी है. नदी घाटियों में बढ़ा प्रवाह, आसपास के क्षेत्रों में बारिश और गंगा के ऊंचे जलस्तर के कारण कई सहायक नदियों का पानी तेजी से निकल नहीं पा रहा है. इससे निचले इलाकों में जलजमाव और बाढ़ का खतरा बना हुआ है.

प्रशासन की नजर तटबंध और निचले इलाकों पर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं. लोगों से नदियों और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है. जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है.

0 Response to "केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन बंद, 500 तीर्थयात्री फंसे; बिहार में 5 नदियां खतरे के ऊपर"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article