Saharsa News: मिड-डे मील में मिली छिपकली, 25 बच्चे अस्पताल में भर्ती; प्रधानाध्यापक निलंबित, तीन रसोइये सेवा-मुक्त
सहरसा: बिहार के सहरसा जिले से मध्याह्न भोजन को लेकर सामने आई गंभीर घटना पर शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है। कहरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने के बाद करीब 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गंभीरता से लिया है।सांकेतिक तस्वीर
मामले में रविवार को शिक्षा विभाग की ओर से तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, विद्यालय में कार्यरत तीनों रसोइयों को भी सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद मचा हड़कंप
विद्यालय में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद करीब 25 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
144 स्कूलों में पहुंचाया गया था मध्याह्न भोजन
जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा के प्रतिवेदन के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से जिले के 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी।
बसदेवा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में इसी आपूर्ति से संबंधित भोजन में छिपकली मिलने की घटना सामने आई। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि भोजन तैयार करने, पैकिंग, परिवहन और विद्यालय तक पहुंचाने के दौरान किस स्तर पर लापरवाही हुई।
तीन सदस्यीय नहीं, त्रिस्तरीय जांच टीम करेगी जांच
मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा मंत्री ने जिला पदाधिकारी, सहरसा को त्रिस्तरीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया है। टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय करेगी।
जिला पदाधिकारी को जांच के आधार पर स्पष्ट और विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही जिन लोगों की भी लापरवाही या दोष जांच में सामने आएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से भी जवाब-तलब
घटना के बाद सिर्फ विद्यालय स्तर पर ही कार्रवाई नहीं की गई है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इससे साफ है कि विभाग इस पूरे मामले को केवल स्कूल स्तर की लापरवाही मानकर छोड़ने के बजाय भोजन की आपूर्ति से लेकर विद्यालय में वितरण तक की पूरी व्यवस्था की जांच करना चाहता है।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर यह घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। केंद्रीयकृत रसोईघर से बड़ी संख्या में विद्यालयों में भोजन भेजे जाने की व्यवस्था में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और पैकेजिंग की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।
अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि भोजन में छिपकली कैसे पहुंची और 144 विद्यालयों को भेजे गए भोजन की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।
सरकार ने दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है। प्रधानाध्यापक के निलंबन और तीन रसोइयों को सेवा-मुक्त करने के निर्देश के बाद अब जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं और केंद्रीयकृत रसोईघर से विद्यालय तक भोजन पहुंचाने की प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
एक नजर में पूरा मामला
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| जिला | सहरसा |
| प्रखंड | कहरा |
| विद्यालय | उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा |
| घटना | मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने की सूचना |
| अस्पताल में भर्ती बच्चे | 25 |
| प्रधानाध्यापक | ब्रजेन्द्र कुमार |
| कार्रवाई | प्रधानाध्यापक निलंबित |
| रसोइये | तीनों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश |
| भोजन आपूर्ति की तारीख | 12 सितंबर |
| केंद्रीयकृत रसोईघर | कहरा |
| भोजन आपूर्ति वाले विद्यालय | 144 |
| जांच | त्रिस्तरीय जांच टीम |
| आगे की कार्रवाई | जांच के आधार पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई |
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