चेन्नई से कुआलालंपुर जाने वाली फ्लाइट में देरी, ऑक्सीजन सिस्टम की आशंका के बीच 78 यात्रियों को नहीं मिली बोर्डिंग
चेन्नई: चेन्नई एयरपोर्ट के इंटरनेशनल डिपार्चर टर्मिनल पर रविवार रात मलेशिया एयरलाइंस की कुआलालंपुर जाने वाली फ्लाइट MH181 में देरी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. निर्धारित समय पर उड़ान भरने वाली फ्लाइट करीब दो घंटे से अधिक की देरी के बाद रवाना हुई. विमान में 178 यात्रियों को सफर करना था, लेकिन आखिरकार केवल 100 यात्रियों को लेकर विमान ने उड़ान भरी. रिपोर्ट के अनुसार, विमान में ऑक्सीजन सिस्टम से जुड़ी तकनीकी समस्या इसकी वजह बताई जा रही है. हालांकि, एयरलाइन की ओर से देरी और यात्रियों की संख्या कम रखने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया.
तय समय से देर रात 2:20 बजे रवाना हुई फ्लाइट
जानकारी के मुताबिक, मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH181 को रविवार रात 11:55 बजे चेन्नई से कुआलालंपुर के लिए रवाना होना था. लेकिन तकनीकी जांच और जरूरी फेरबदल के कारण उड़ान में देरी हुई. विमान आखिरकार सोमवार तड़के 2:20 बजे 100 यात्रियों के साथ रवाना हुआ. इस तरह निर्धारित संख्या के मुकाबले 78 यात्रियों को इस उड़ान में जगह नहीं मिल सकी.
ऑक्सीजन सिस्टम की समस्या बताई जा रही वजह
एयरपोर्ट सूत्रों के हवाले से बताया गया कि कुछ यात्रियों को विमान में चढ़ने से रोकने के पीछे ऑक्सीजन सिस्टम से जुड़ी समस्या मुख्य वजह थी. विमान में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है. हालांकि, इस मामले में सिस्टम में किस तरह की खराबी आई थी और उसी के कारण यात्रियों की संख्या सीमित की गई या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
क्या होता है विमान का ऑक्सीजन सिस्टम?
एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन मोहन रंगनाथन के अनुसार, विमान में आपातकालीन स्थिति के दौरान यात्रियों के लिए ऊपर लगे ऑक्सीजन मास्क इस्तेमाल किए जाते हैं. कई यात्री विमानों में मास्क नीचे आने पर रासायनिक प्रक्रिया के जरिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाती है. यदि सिस्टम के किसी हिस्से में खराबी हो, तो विमान की सुरक्षा जांच के दौरान संबंधित व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया जाता है.
विशेषज्ञ के मुताबिक, यदि कुछ सीटों से जुड़ी आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था काम नहीं कर रही हो, तो एयरलाइन यात्रियों की संख्या सीमित करने जैसे कदम उठा सकती है. हालांकि, चेन्नई से रवाना हुई इस फ्लाइट में वास्तव में यही तकनीकी स्थिति थी या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित एयरलाइन या जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी से ही हो सकेगी.
यात्रियों में नाराजगी, एयरलाइन के आधिकारिक बयान का इंतजार
उड़ान में देरी और 178 के बजाय 100 यात्रियों को लेकर रवाना होने की घटना के बाद यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. यात्रियों को बोर्डिंग से रोकने के पीछे की वजह और आगे की यात्रा की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है. फिलहाल मलेशिया एयरलाइंस की ओर से इस घटना पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.
विमानन सुरक्षा के मामलों में तकनीकी जांच पूरी होने और एयरलाइन की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.

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